पिछले क़रीब 40 दिन से जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सीएए के ख़िलाफ़ और समर्थन में दायर 144 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने फ़िलहाल इस क़ानून के लागू करने पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सरकार से चार हफ़्तों के भीतर जवाब दाख़िल करने को कहा है और कहा है कि उसके बाद ही इस मामले पर कोई अंतरिम राहत दी जा सकती है।
दूसरी ओर दिल्ली समेत भारत के कई इलाक़ों में कड़ाके की सर्ती के बावजूद शाहीन बाग़ और सैकड़ों अन्य जगहों पर महिलाएं लगातार धरने पर बैठी हुई हैं।
यह धरने और विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण हैं, जिनका नेतृत्व महिलाएं और छात्र कर रहे हैं, इनमें हर धर्म और मत के लोग शामिल हैं, यहां देश और भारतीय संविधान की प्रशंसा में नारे लगाए रहे हैं और अपने अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया जा रहा है।